मैं किसी से बहुत प्यार करती हूं और वह भी मुझसे बहुत प्यार करते हैं। उनका नाम जय है। मुझे आज भी लगता है कि जैसे यह अभी कुछ ही दिनों की बात है, जब मैं उन्हें दूर से देखा करती थी। उन्हें मालूम भी नहीं होता था कि एक लड़की उन्हें हर रोज़ सबसे छुपाकर और उनसे भी छुपाकर उन्हें ही देखती है।
बात आज से एक साल पहले की है, जब मैंने उन्हें पहली बार देखा था और दिल कर रहा था कि बस देखती ही रहूं। उन्हें देखने के लिए मैं रोज़ उसी टाइम पर ऑफिस जाती थी और वह भी ठीक उसी समय वहीं मिलते थे। हम दोनों एक ही बस में जाया करते थे, पर उन्हें मेरी इन फीलिंग्स के बारे में पता नहीं था।
उनका व्यवहार इतना अच्छा है कि बस में सब लोग उन्हें पसन्द करते थे। यहां तक कि जबतक वह नहीं आते थे, बस का ड्राइवर भी उनके आने का वेट करता था। जय सबको हंसाते रहते और सब उनसे बहुत खुश रहते थे। मैं भी रोज़ उसी बस में जाती थी और जिस दिन वह नहीं जाते थे ऐसा लगता था कि दिन शुरू नहीं हुआ। उसी बस में मेरी एक फ्रेंड भी मुझे मिली, जो जय को जानती थी। उसने मुझे बताया कि जय ने उसे प्रपोज़ किया था। इसके बाद मैंने अपने दिल से उनका खयाल निकाल दिया। फिर भी बस मैं एक बार उनसे बात करना चाहती थी। जय, बस में सबसे बात करते पर सिर्फ मुझसे नहीं करते थे।
कुछ दिन बाद ही मैंने वह जॉब छोड़ दी और इसलिए मेरा उस बस में जाना भी नहीं रहा। फिर मुझे दूसरी जॉब मिली और 6-7 महीने बाद ही जय मुझे मेरे ही बस स्टॉप पर दिखे, जहां से मैं जाया करती थी। शायद उनका भी ऑफिस शिफ्ट हो चुका था। जो भी वजह रहा हो, पर मेरे लिए यह सबसे बड़ी खुशी की बात थी। मैंने फिर से उसी टाइम पर जाना शुरू कर दिया, जिस टाइम पर जय जाते थे। इतने दिन बाद भी हमारी बात नहीं हो पाई। एक दिन अचानक उनके हाथ से मेरा हाथ टच हो गया और उस दिन मुझे ऐसा लगा कि वह मेरे बहुत करीब हैं। फिर धीरे-धीरे मैंने महसूस किया कि चोरी-चोरी जय भी मुझे देखा करते हैं। जब मैं उनको देखती तो वह नज़रें घुमा लेते।
फिर भी पहल मैंने ही की। उनसे बात करके मुझे लगा कि अगर मैंने कोशिश नहीं की तो मैं उनसे कभी बात नहीं कर पाऊंगी। फिर मैंने उनका सेल नंबर मांगा। लोगों की नज़रें तब मुझे ही देख रही थीं, पर मुझे कोई फर्क ही नहीं पड़ रहा था। जब मैंने जय को फोन किया तो उसके किसी फ्रेंड ने फोन उठाया। मैंने कहा कि मुझे जय से बात करनी है तो उसने बताया कि वह बाहर गए हुए हैं। तब मुझे बहुत गुस्सा आया कि एक मैं ही उनसे बात करने के लिए पागल हो रही हूं, उन्हें तो कोई फर्क ही नहीं पड़ता।
अगले दिन हम दोबारा मिले, तो मैंने उनकी तरफ देखा भी नहीं और न ही बात की। उन्होंने मुझसे पूछा कि क्या बात है, बात क्यों नहीं कर रही हो ? मैंने कहा कि जब आपको मुझसे बात नहीं करनी थी तो मुझे अपना नंबर ही क्यों दिया। तब उन्होंने कहा कि मुझे पता भी नहीं है कि अपने फोन किया था, मुझे मेरे दोस्त ने इस बारे में कुछ नहीं बताया। फिर तो हमारी बातों का सिलसिला चल पड़ा। हर 2 मिनट पर वह मुझे कॉल किया करते और रास्ते भर भी हम बातें ही किया करते।
एक दिन मेरी दीदी का बर्थडे आया। वह बहुत अपसेट थीं क्योंकि जीजाजी को उनका बर्थडे याद नहीं था औऱ उन्होंने विश नहीं किया था। जब मैंने जय को बताया तो उन्होंने मुझसे पूछा कि अगर मैं आपके घर आऊं तो कोई प्रॉब्लम तो नहीं ? उस दिन पहली बार वह मेरे घर आए औऱ दीदी को इतना हंसाया कि दीदी खुश हो गई और घर का माहौल खुशनुमा हो गया।
धीरे-धीरे मेरे परिवार के लोग भी जय के व्यवहार से खुश हो गए और सब उन्हें पसन्द करने लगे। बात-बात में उन्होंने बताया था कि वह मेरी फ्रेंड को जानते हैं, पर कभी प्रपोज़ नहीं किया। जब मेरी फ्रेंड को हमारी दोस्ती का पता चला तो वह बोली कि उसने तो बस मज़ाक किया था।
आज वह मेरे साथ हैं और मुझे बेहद प्यार भी करते हैं। उन्हें देखकर ऐसा लगता है कि बस उन्हें देखती ही रहूं। जय पहले ऐसे इंसान मुझे मिले, जिनमें कोई कमी नहीं थी। उनके परिवार के लिए उनका प्यार देखकर मुझे बहुत अच्छा लगता है। क्योंकि आजकल लड़के अपने घरवालों के बारे में ज्यादा नहीं सोचते और उन्हें इज़्ज़त नहीं देते। पर जय, इन सबसे अलग आज भी अपने परिवार की परवाह करते हैं।
मैं जय से बहुत प्यार करती हूं, उनके आने से मेरी जिन्दगी ऐसी लगती है जैसे सबकुछ बदल गया हो। मुझे मेरी जिन्दगी से प्यार हो गया है, क्योंकि जय मेरे साथ हैं।
लेकिन यह खुशी हमारे नसीब में हमेशा नहीं रहेगी। क्योंकि जय की सबसे बड़ी अच्छाई (उनकी फैमिली के लिए उनका प्यार) ही हमारे प्यार के बीच दीवार बना है। हमारी कास्ट अलग-अलग है। खैर मैं तो उनसे शादी के लिए हर हाल में तैयार हूं, पर जय की ममी नहीं तैयार होंगी और जय अपनी ममी को कभी दुख नहीं पहुंचा सकता है। मैं कोई उम्मीद भी नहीं करती, क्योंकि मैं नहीं चाहती कि मेरी वजह से किसी को कोई परेशानी हो।
मैं जय को हमेशा प्यार करती रहूंगी, क्योंकि वही मेरी ज़िन्दगी है। हमारे रिश्ते में हर रंग है, चाहे वह दोस्ती हो या प्यार। हम एक-दूसरे को बहुत अच्छी तरह से समझते हैं और आजतक मैं सबसे ज्यादा जय के साथ ही हंसी हूं। उन्होंने मुझे इस एक साल में पूरी ज़िन्दगी की खुशियां दी हैं। मैं आपसे बेइंतहां प्यार करती हूं और हर पल आपको मिस करूंगी जय।
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