Wednesday, 7 January 2015

और उसने ना कर दी..


मैं जिन्दगी की कुछ हसीन यादें आपके साथ बांटना चाहता हूं। पहले प्यार की कुछ हसीन यादें। यह आज से दो साल पुरानी बात है। मैं उस समय फाइनल इयर में था और नोएडा में एक पार्ट टाइम जॉब करता था। उसी ऑफिस में कुछ दिनों बाद कुछ नए लडके - लडकियों का ग्रुप आया। जब मैंने उसे पहली बार देखा तो ज़्यादा धयान नहीं दिया। उसी दिन शाम को जब मै ऑफिस से घर को जा रहा था तो मैंने उसे बस स्टॉप पर देखा और उसने मुझे देखा। फिर एक - दो दिन तक यूं देखने - दिखाने का सिलसिला चलता रहा।

मुझे यह बात मालूम थी कि वह हर रोज अपनी सहेली के साथ ऑफिस आती है जिसका वह रोज सुबह इंतजार करती है। एक दिन हिम्मत करके मैं सुबह जल्दी उठकर उससे पहले बस स्टॉप पर पहुंच गया। थोडी देर में वह भी गई। उसने मुझे देखा। मैंने उससे पूछा कि क्या आप मुझे जानते हो। उसने कहा हां आप हमारे ऑफिस मे काम करते हो। इतने में उसकी सहेली गई ! यह सिलसिला दो महीनों तक चलता रहा। मैं बीच - बीच में उसकी आंखों में लगे काजल की तारीफ करता , जो मुझ बहुत पसंद था। वह इस पर शरमा जाती और कहती कि तुम भी मेरी आंखों के पीछे हाथ धोकर पड़ गए हो।

मुझे लगने लगा कि वह मुझे पसन्द करती है। मैं तो उसका दीवाना हो ही चुका था। एक दिन शाम को हम ऑफिस से घर की तरफ जा रहे थे। रास्ते में मैंने उसे अपने दिल का हाल बता दिया। उसने साफ इनकार कर दिया। उसने कहा कि ऐसी बेकार चीजों के लिये मेरे पास टाइम नहीं है।

मैं चुप चाप घर गया। मैंने जिन्दगी में पहली बार किसी को सच्चा प्यार किया , लेकिन वह प्यार निकला भी तो एक तरफा। खैर क़ोई बात नहीं ! मैंने वहां से जॉब छोड़ दी। लेकिन मैं कभी उसे भुला नहीं पाया। कहते हैं ना कि पहला प्यार कभी भुलाया नहीं जाता।

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