Wednesday, 7 January 2015

मैं भुला नहीं सकता मेरा पहला प्यार.


मैं तब 16 साल का था , जब मेरी मुलाकात उससे हुई थी। मैं उस समय अपने घर के पास क्रिकेट खेल रहा था। वह मेरी दूर की रिश्तेदार लगती है और मुझसे एक साल बड़ी भी है। हम हर दिन एक-दूसरे से हर तरह की बातें शेयर किया करते थे। किसी दिन एक-दूसरे से मिलें नहीं, ऐसा तो हो ही नहीं सकता था। वह अक्सर मेरा इन्तज़ार किया करती थी। उसके रिलेटिव्स इस वात पर उसकी खिंचाई भी किया करते थे कि मैं आज आ रहा हूं या नहीं ? क्योंकि उन्हें हमारे बारे में पता था और मंजूर भी।
लेकिन इसी बीच में उसके एक दूर के रिश्तेदार ने विलन की भूमिका निभाई। वह , मेरे खिलाफ उसे भड़काना शुरु कर दिया। मुझे पता नहीं कि वह क्यों और कैसे उसपर इतना यकीन करने लगी कि मेरा प्यार छोटा पड़ता गया। बस होना क्या था , धीरे-धीरे हमारे रिश्तों में दरार ही गई। आखिरकार उसने उसी लड़के से शादी भी कर ली और अब तो उसके तीन बच्चे भी हैं। बाद में मैंने भी शादी कर ली और मेरे भी दो बच्चे हैं। उसने जो इल्ज़ाम मुझपर लगाए थे , उसके लिए मैंने उसे माफ कर दिया है। क्योंकि वह मेरा पहला प्यार है , इसलिए मैं कभी भी उसे भुला नहीं सकता।

No comments:

Post a Comment