Wednesday, 7 January 2015

नहीं कर पाई प्यार का इज़हार..

 
मेरा एक दोस्त था , जिसे मैं बारह साल से चाहती थी। उसे चाहकर भी कभी बता नहीं पाई कि मैं उससे कितना प्यार करती हूं। आखिरकार एक दिन मैंने तय किया कि आज मैं उसे अपने दिल की सारी बातें बता दूंगी। लेकिन तबतक बहुत देर हो चुकी थी। आज भी मैं इन्तज़ार करती हूं कि वह मुझे मिलेगा। मैं उसे कभी भुला नहीं पाऊंगी।

No comments:

Post a Comment