Wednesday, 7 January 2015

नहीं भूल पाऊंगा उस स्पर्श को..


यहां मैं अपनी ज़िन्दगी की कुछ हसीन यादों को आपके साथ बांटना चाहता हूं। मैं जब स्कूल में था , तब मुझे एक लड़की काफी अच्छी लगती थी। वह मेरे घर के पास वाली बिल्डिंग में ही रहती थी , पर मैं उसके यहां कभी गया नहीं था। वह लड़की भी मेरी ही बस में जाती थी।
एक दिन बस के आते ही मैं और मेरा भाई उस बस में चढ़ गए। तभी कुछ ऐसा हो गया , जो शायद नहीं होना था। बस 90 की स्पीड से चल रही थी , कि अचानक मेरा हाथ फिसला और मैं उसी लड़की की गोद में जा गिरा। वहां मौजूद सभी लोग खूब ठहाके लगाकर हंसने लगे , पर उस लड़की ने मुझे एक शब्द नहीं कहा।
ऐसा लगा जैसे बनी-बनाई बात बिगड़ गई हो। पर , अगले ही दिन उस लड़की ने मुझे पुकारा। मेरे ना चाहते हुए भी मुझे उससे बात करनी पड़ी। वह रिक्शे से जा रही थी और उसने मुझसे कहा कि आप मेरे रिक्शा में आ जाओ। उस वक्त मैं अपने भाई के साथ था। मेरे भाई ने मुझसे कुछ नहीं कहा और पीछे वाली सीट पर जाकर फौरन बैठ गया। मैं रास्ते भर कुछ बोल नहीं पाया , पर उसकी खूबसूरती और प्रेम भरे स्पर्श को पल-पल महसूस करता रहा। देखते-देखते घर आ गया। आज भी उन पलों को याद कर खुश हो जाता हूं।

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